हनुमान जी की सिद्ध चौपाई – हनुमान जी को शक्ति याद दिलाने वाली चौपाई का रहस्य, महत्व और लाभ

हनुमान जी की सिद्ध चौपाई भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय और प्रभावशाली मानी जाती है। जब भी जीवन में भय, कमजोरी, आत्मविश्वास की कमी, शत्रु बाधा या नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है, तब हनुमान जी की शक्ति याद दिलाने वाली चौपाई का स्मरण और पाठ अद्भुत परिणाम देता है।
Bhakti Ocean ब्लॉग के माध्यम से हम इस पावन चौपाई का संपूर्ण अर्थ, आध्यात्मिक रहस्य, पाठ विधि, लाभ और इससे जुड़े विश्वासों को विस्तार से प्रस्तुत कर रहे हैं।

हनुमान जी की सिद्ध चौपाई क्या है?

हनुमान जी की सिद्ध चौपाई वह दिव्य चौपाई है, जिसका पाठ स्वयं जामवंत जी ने लंका युद्ध के समय किया था, जब हनुमान जी को अपनी अपार शक्तियों का स्मरण कराया गया। इस चौपाई के स्मरण से व्यक्ति के भीतर छिपी ऊर्जा, साहस और आत्मबल जागृत होता है।

वह प्रसिद्ध चौपाई:

“तब जामवंत सुनु हनुमाना।
कवन काज करिबो अभिमाना॥
राम काजु कीन्हें बिनु मोहि।
कहाँ विश्राम करहु तुम सोहि॥”

यही वह चौपाई है जिसे आमतौर पर हनुमान जी को शक्ति याद दिलाई चौपाई कहा जाता है।

हनुमान जी को शक्ति याद दिलाई चौपाई का अर्थ (भावार्थ)

जामवंत जी हनुमान जी से कहते हैं –
“हे हनुमान! तुम अपने बल और सामर्थ्य को क्यों भूल गए हो?
राम का कार्य किए बिना विश्राम कैसे कर सकते हो?”

इस भाव का अर्थ यह है कि हनुमान जी असीम शक्ति के स्वामी हैं, किंतु वे सदैव विनम्र रहते हैं। जब तक उन्हें उनके सामर्थ्य की याद न दिलाई जाए, वे स्वयं का बखान नहीं करते।

इस चौपाई को ‘सिद्ध’ क्यों कहा जाता है?

  • यह चौपाई श्रीरामचरितमानस से ली गई है
  • इसे स्वयं महाबली जामवंत जी ने कहा
  • इस चौपाई के बाद ही हनुमान जी ने समुद्र लांघा
  • इसके पाठ से तत्काल ऊर्जा और आत्मविश्वास का अनुभव होता है

इसी कारण इसे हनुमान जी की सिद्ध चौपाई कहा जाता है।

हनुमान जी की सिद्ध चौपाई के चमत्कारी लाभ

हनुमान जी की इस चौपाई का नियमित पाठ करने से अनेक मानसिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक लाभ होते हैं।

✨ प्रमुख लाभ:

  • आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि
  • डर, भय और नकारात्मक विचारों से मुक्ति
  • शत्रु बाधा और कोर्ट-कचहरी से राहत
  • परीक्षा, इंटरव्यू और करियर में सफलता
  • कर्ज, आर्थिक तनाव और मानसिक दबाव में शांति
  • भूत-प्रेत, नज़र दोष और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा

इसलिए कई लोग इसे हनुमान जी की शक्ति जागृत करने वाली चौपाई भी कहते हैं।

हनुमान जी की सिद्ध चौपाई का पाठ कैसे करें?

🕉️ पाठ विधि:

  1. मंगलवार या शनिवार का दिन श्रेष्ठ माना जाता है
  2. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें
  3. हनुमान जी के चित्र या मूर्ति के सामने दीपक जलाएं
  4. लाल फूल या सिंदूर अर्पित करें
  5. चौपाई का 11, 21 या 108 बार पाठ करें
  6. अंत में हनुमान जी से शक्ति, साहस और भक्ति की प्रार्थना करें

किसे करना चाहिए यह पाठ?

  • जो व्यक्ति खुद को कमजोर, असफल या हताश महसूस करता हो
  • जिनके जीवन में बार-बार रुकावटें आ रही हों
  • कलाकार, गायक, विद्यार्थी, व्यवसायी और साधक
  • जिन पर मानसिक दबाव, कर्ज या नकारात्मकता हो

विशेष रूप से जो लोग कहते हैं “मुझमें शक्ति नहीं बची”, उनके लिए यह चौपाई अत्यंत प्रभावशाली है।

हनुमान जी की सिद्ध चौपाई और मानसिक शक्ति

आज के समय में अधिकतर समस्याएँ मानसिक कमजोरी से जुड़ी हैं। यह चौपाई व्यक्ति को यह याद दिलाती है कि—

“आप कमजोर नहीं हैं, आपने अपनी शक्ति को केवल भुला दिया है।”

यही कारण है कि इस चौपाई को पढ़ने से भीतर से एक अलग ऊर्जा का संचार होता है।

हनुमान जी की सिद्ध चौपाई बनाम हनुमान चालीसा

विषयसिद्ध चौपाईहनुमान चालीसा
लंबाईबहुत छोटी40 चौपाइयाँ
उद्देश्यशक्ति स्मरणसम्पूर्ण स्तुति
प्रभावत्वरित ऊर्जादीर्घकालिक शांति
पाठ समय1–2 मिनट7–10 मिनट

दोनों का पाठ श्रेष्ठ है, पर आपात स्थिति में सिद्ध चौपाई तुरंत प्रभाव दिखाती है।

Bhakti Ocean का उद्देश्य

Bhakti Ocean केवल मंत्र या चौपाई साझा नहीं करता, बल्कि उनके पीछे छिपे भाव, ऊर्जा और साधना का मार्ग दिखाता है। हनुमान जी की यह सिद्ध चौपाई हमें यह सिखाती है कि—

“शक्ति बाहर नहीं, हमारे भीतर ही है –
बस उसे याद दिलाने की आवश्यकता है।”

अंतिम शब्द

यदि आप जीवन में थक चुके हैं, भीतर से कमजोर महसूस कर रहे हैं या बार-बार असफलता मिल रही है, तो हनुमान जी की सिद्ध चौपाई को अपने जीवन का हिस्सा बनाइए।
यह चौपाई केवल शब्द नहीं, जाग्रत ऊर्जा है।

🙏 जय श्री राम | जय हनुमान
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